Friday, January 12, 2018

कितना पैसा आप के गांव के चोर सरपंच ने खाया उस का पता इस लिंक से लगाओ

अपने अपने गांव पंचायत और जिले के सभी पंचायत में कितना पैसा सरकार का आया है और क्या काम किया और किस काम का कितना पैसा आप के गांव के चोर सरपंच ने खाया उस का पता इस लिंक से लगाओ ओर सरकार के अपने पैसो का सही उपयोग  करे
# अतिमहत्वपूर्ण_जानकारी

http://www.planningonline.gov.in/ReportData.do?ReportMethod=getAnnualPlanReport

इस लिंक पे आप अपने गांव मे हुए सभी कार्यो की जानकारी देख सकते है किस काम मे कितना पैसा खर्च हुआ .

यह देखकर हैरान हो गया कि एक छोटे से भी काम के लिए सरकार कितना पैसा देती है. अब हमको जागरूक होने की जरूरत है. सभी जानकारियां सरकार ने ऑनलाइन वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी है बस हमें उन्हें जानने की जरूरत है. यदि हर गांव के सिर्फ 2-3 युवा ही इस जानकारी को अपने गांव के लोगों को बताने लगें, समझ लो आधा भ्रष्टाचार ऐसे ही कम हो जाएगा.

इसलिए आपसे गुजारिश है कि आप अपने गांव में वर्ष 2016-17 मे हुए कार्यो को जरूर देखें और इस लिंक को देश के हर गांव तक भेजने की कोशिश करे ताकि गांव के लोग अपना अधिकार पा सके. एक बार अवश्य देखे व जाने कितनी मद आपके ग्राम सभा में प्रधानों ने खर्च की है.

जिन इलाकों की सूचनाएं वेबसाइट पर नहीं डाली गई हैं वहां के लोगों से अनुरोध है कि वे अधिकारियों से मिलकर इसे अपडेट करने की मांग करें.

Click here

Thursday, January 11, 2018

विवेकानंद के 8 विचार जो आपको निराशा से दूर कर देंगे

आज स्वामी विवेकानंद जी जन्मदिन हैं. उनके विचार आज भी प्रासांगिक बने हुए हैं. स्वामी जी के विचार किसी भी व्यक्ति की निराशा को दूर कर सकते हैं. उसमें आशा भर सकते हैं. प्रस्तुत हैं स्वामी जी के कुछ ऐसे ही विचार ...
आज स्वामी विवेकानंद जी जन्मदिन हैं. उनके विचार आज भी प्रासांगिक बने हुए हैं. स्वामी जी के विचार किसी भी व्यक्ति की निराशा को दूर कर सकते हैं. उसमें आशा भर सकते हैं. प्रस्तुत हैं स्वामी जी के कुछ ऐसे ही विचार ...


1-उठो और जागो और तब तक रुको नहीं जब तक कि तुम अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर लेते.
2-आप जो भी सोचेंगे. आप वही हो जाएंगे. अगर आप खुद को कमजोर सोचेंगे तो आप कमजोर बन जाएंगे. अगर आप सोचेंगे की आप शक्तिशाली हैं तो आप शाक्तिशाली बन जाएंगे. 
3-एक विचार चुनिए और उस विचार को अपना जीवन बना लिजिए. उस विचार के बारे में सोचें उस विचार के सपने देखें. अपने दिमाग, अपने शरीर के हर अंग को उस विचार से भर लें बाकी सारे विचार छोड़ दें. यही सफलता का रास्ता हैं.
4-एक नायक की तरह जिएं. हमेशा कहें मुझे कोई डर नहीं, सबको यही कहें कोई डर नहीं रखो
5-ब्रम्हाण्ड की सारी शक्तियाँ पहले से हीं हमारे भीतर मौजूद हैं. हम हीं मूर्खता पूर्ण आचरण करते हैं, जो अपने हाथों से अपनी आँखों को ढंक लेते हैं….. और फिर चिल्लाते हैं कि चारों तरफ अँधेरा है, कुछ नजर नहीं आ रहा है.
6-अगर आप पौराणिक देवताओं में यकीन करते हैं और खुद पर यकीन नहीं करते हैं तो आपको मुक्ति नहीं मिल सकती है. अपने में विश्वास रखो और इस विश्वास पर खड़े हो जाओ, शक्तिशाली बनो, इसी की हमें जरूरत है.
7-ताकत ही जीवन है और कमजोरी मौत है
8-ब्रम्हाण्ड की सारी शक्तियाँ पहले से हीं हमारे भीतर मौजूद हैं. हम हीं मूर्खता पूर्ण आचरण करते हैं, जो अपने हाथों से अपनी आँखों को ढंक लेते हैं…और फिर चिल्लाते हैं कि चारों तरफ अँधेरा है, कुछ नजर नहीं आ रहा है.

Friday, December 1, 2017

दिमाग है तो बताओ

पहेली  1

3 सवाल, 1जवाब
1 बूढा, 1 बच्ची और 1 मुर्गी ले कर जा रहा था
रास्ते मे उन्हें आदमी मिला उसने बाबा से 3 सवाल पूछे
1) बूढे बाबा आपकी उमर कितनी है ?
2) इस बच्ची का आप से कया रिश्ता है ?
3) इस मुर्गी की कीमत कितनी है ?
बूढे ने सिर्फ 1 word बोला और
आदमी को 3 सवालो का जवाब मिल गया
😊
तो बताओ बाबा ने वो कौन सा word बोला था.

ANSWER :/>


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 पहेली 2

एक व्‍यक्ति अपनी 3 बहनों से मिलने कुछ रकम लेकर घर से निकला।
पहले दिन वो बड़ी बहन के घर गया।
जब वो स्नान करने गया तो बड़ी बहन ने भाई के कपड़ों की जेबों की तलाशी ली। जितनी रकम जेब में थी,उतनी ही रकम बड़ी बहन ने अपने पास से मिलाकर वापस भाई की जेब में रख दी।
विदा लेते समय भाई ने बहन को 2000 रुपए दिए।
अगले दिन भाई मंझली बहन के घर गया।
भाई के स्नान को जाते ही मंझली बहन ने भी तलाशी ली और जेब में जितनी रकम थी उतनी ही अपनी तरफ से मिलाकर भाई की जेब में रख दी।
विदा लेते समय भाई ने बहन को 2000 रुपए दिए।
अगले दिन भाई छोटी बहन के घर गया।
छोटी बहन ने भी जेब की रकम के बराबर रकम भाई की जेब में रख दी।
विदा लेते समय भाई ने छोटी बहन को भी 2000 रुपए दिए।
घर पहुँचने पर भाई की जेब में 5000 रुपए बचे हुए थे।
तो सवाल ये है कि,
तीनों बहनों से मिलने के लिए भाई, कितनी रकम लेकर घर से निकला था ???
*गणित के धुरंधर,*
🤔अपना दिमाग लगाएं और बताएं….??

 Answer : ............................................

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पहेली 3
एक बार एक बुजुर्ग आदमी बस में चढा, एक छोटी
बच्ची ने उनको अपनी सीट दे दी ।
बुजुर्ग – धन्यवाद बेटी……………, बेटी क्या
नाम है तुम्हारा
.
बच्ची – हिंदी अन्ग्रेजी या मैथ्स मैं बताऊ.
बुजुर्ग – (थोड़ा हैरान होते हुये) मैथ्स मैं बताओ ।
.
बच्ची – तीन माइनस ग्यारा दो ग्यारा
.
अब बताओ उस बच्ची का हिंदी और इंग्लिश मे क्या
नाम है ????
Answer me


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पहेली  5

who can give correct answer ? 📞👲
एक बार एक दामाद अपने ससुराल फोन करता है कि, मैं अगले महीने ससुराल आऊंगा।
पर मैं जिस तारीख को आऊंगा मुझे उतने ग्राम सोना चाहिए।
ससुर तुरंत अपने पहचान के सुनार के पास गया और बोला क़ि वो 1 से 31 ग्राम तक की अंगूठी तैयार करके रखे, जिस तारीख को दामाद आये उतने ग्राम वाली अंगूठी मैं ले जाऊंगा।
पर उस सुनार ने सिर्फ 5 अंगूठियां बनायीं जिनसे किसी भी तारिख की ज़रूरत पूरी हो जायेगी।
सुनार ने कितने कितने ग्राम की अंगूठियां बनायीं और कुल कितना सोना इसमें लगा…?

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पहेली  6
इस पहेली में केवल एक ही शब्द आना चाहिये :::—
👇👇👇👇👇👇👇
1. एक ………. लड़का था !
2. वह बाज़ार से ……….लेने गया !
3. लौटते समय रास्ते में उसकी ………. गिर गयी !
4. उसे एक ………. लड़का मिला !
5. ………. लड़के ने …….. लड़के से कहा –
6. “तुम मेरी ………. उठा दो ! मैं तुम्हें आधी ………. दूँगा”!
7. ……… लड़के ने ………. लड़के की बात मान ली !
8. और ………. लड़के ने ………. लड़के की ………. उठा दी और वह आधी ………. लेकर चला गया !
बुद्धिमान हो तो इसका उत्तर दो !!!

Sunday, November 26, 2017

दूसरा नहीं होगा इतना काबिल


श्रीकांत जिचकर की कहानी:

भले ही लोग आजकल पढ़ाई-लिखाई में ज्यादा दिलचस्पी ले रहे हों लेकिन मेरे पास एम.ए. की डिग्री ही मुझे बहुत लगती हैं। इस डिग्री को देखकर ये फीलिंग आती है कि चलो मेरी गिनती भी शिक्षित लोगों में हो सकती है।
14 सितंबर, 1954 को नागपुर के आजनगांव के एक मराठी परिवार में जन्में श्रीकांत जिचकार का नाम लिमका बुक ऑफ रिकॉर्ड में दुनिया के सबसे योग्य व्यक्ति के रूप में दर्ज हैं। इनके नाम 42 विश्वविद्यालयों से 20 डिग्रियां हासिल करने का रिकॉर्ड है। 

ये एक ऐसे व्यक्ति थे जिनकी मानसिक क्षमता वाकई बहुत मजबूत थी। इन्हें अलग-अलग विषयों में दिलचस्पी थी, जैसे गणित से लेकर विज्ञान, भाषा से लेकर पेंटिंग, फोटोग्राफी, खेल, राजनीति, थियेटर.... और ना जाने क्या।
सबसे पहले उनकी दिलचस्पी मेडिकल साइंस में जागी, एमबीबीएस करने के बाद उन्होंने एमएस की डिग्री हासिल की। लेकिन फिर अचानक उनका मन डॉक्टरी से ऊब गया इसलिए उन्होंने वकालत करने की ठानी और लॉयर की डिग्री, एलएलबी हासिल की। इसके बाद उन्होंने अंतराष्ट्रीय वकालत करने की सोची और एलएलएम की डिग्री प्राप्त की। 
श्रीकांत जिचकार यही नहीं रुके, उन्होंने इसके बाद व्यवसाय प्रबंधन की डिग्री, एमबीए की और फिर जर्नलिज्म किया।

वर्ष 1973 से लेकर 1990 तक उन्होंने करीब 42 यूनिवर्सिटी की परीक्षाएं दीं और 20 डिग्रियां हासिल की। सबसे हैरानी की बात यह है कि यह सब उन्होंने 24 की उम्र पार करने से पहले की हासिल कर लिया था। 

श्रीकांत जब 25 वर्ष के हुए तब उन्होने आइपीएस की तैयारी शुरू की और इसकी परीक्षा को पास भी किया लेकिन कुछ ही समय के कार्यकाल के बाद उन्होंने इस्तीफा दे दिया और फिर आइएएस की परीक्षा की तैयारी शुरू की।

इसी दौरान उन्होंने अर्थशास्त्र, अंग्रेजी साहित्य, संस्कृत, भारती इतिहास, लोक प्रबंधन, राजनीति विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की डिग्रियां हासिल की।

इस लिस्ट में हर उस डिग्री का नाम शामिल है जिसकी हम कल्पना करते हैं, जैसे आर्ट्स, संस्कृति, मास्टर ऑफ फिलोसॉफी। अब शायद आपको ये आश्चर्य ना रहे कि उनके नाम पर संस्कृत की डि.लिट यानि डॉक्टर ऑफ लिट्रेचर (संस्कृत) की डिग्री भी दर्ज है। 

 1980 में आइएएस की परीक्षा उत्तीर्ण करने और मात्र 4 माह की सेवाएं देने के बाद श्रीकांत ने इस सेवा से भी इस्तीफा दे दिया और पहली बार राजनीति में कदम रखा। इसी वर्ष उन्होंने अपना पहला इलेक्शन लड़ा।

श्रीकांत जिचकार को इन चुनावों में जीत मिली और वह महाराष्ट्र के एमएलए बने। उन्हें एक साथ 14 पोर्टफोलियो संभालने का उत्तरदायित्व मिला। इनके नाम सबसे कम उम्र का विधायक बनने का रिकॉर्ड भी दर्ज है। 

इतना सब कहने के बाद अब अगर अब मैं आपसे ये भी कह दूं, 52,000 किताबों के साथ इनकी पर्सनल लाइब्रेरी भारत की सबसे विस्तृत पर्सनल लाइब्रेरी थी तो अपका मुंह खुला का खुला रह जाएगा। 

वर्ष 1992-1998 तक वे राज्यसभा के सदस्य भी रहे। विभिन्न क्षेत्रों में ये हमेशा मेरिट प्राप्त करते रहे और इनके नाम बड़ी संख्या में स्वर्ण पदक दर्ज हैं।

दुर्भाग्यवश 2 जून, 2004 को नागपुर से कुछ 40 किलोमीटर दूर एक सड़क हादसे में मात्र 51 वर्ष की उम्र में श्रीकांत जिचकार की मृत्यु हो गई। इसी दिन भारत में अपना एक चमकता हीरा खो दिया था। 

भारतीय मुख्य चुनाव आयुक्त

 भारतीय चुनाव आयोग का प्रमुख होता है और भारत में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से राष्ट्र और राज्य के चु्नाव करवाने का जिम्मेदार होता हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति भारत का राष्ट्रपति करता है। मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यकाल 6 वर्ष या 65 साल, जो पहले हो, का होता है।
चुनाव आयुक्त का सम्मान और वेतन भारत के सर्वोच्च न्यायलय के न्यायधीश के सामान होता है। मुख्य चुनाव आयुक्त को संसद द्वारा महाभियोग के जरिए ही हटाया जा सकता हैं।

मुख्य चुनाव आयुक्तों की सुची :
  1. सुकुमार सेन : २१ मार्च १९५० - १९ दिसम्बर १९५८
  2. के. वी. के. सुंदरम : २० दिसम्बर १९५८ - ३० सितंबर १९६७
  3. एस. पी. सेन वर्मा : १ अक्टूबर १९६७ - ३० सितंबर १९७२
  4. डॉ॰ नगेन्द्र सिँह : 1 अक्टूबर 1972 - 6 फ़रवरी 1973
  5. टी. स्वामीनाथन : 7 फ़रवरी 1973 - 17 जून 1977
  6. एस. एल. शकधर : 18 जून 1977 - 17 जून 1982
  7. आर. के. त्रिवेदी : 18 जून 1982 - 31 दिसम्बर 1985
  8. आर. वी. एस शास्त्री : 1 जनवरी 1986 - 25 नवम्बर 1990
  9. वी. एस. रमादेवी : 26 नवम्बर 1990 - 11 दिसम्बर 1990
  10. टी. एन. शेषन : 12 दिसम्बर 1990 - 11 दिसम्बर 1996
  11. एम. एस. गिल : 12 दिसम्बर 1996 - 13 जून 2001
  12. जे. एम. लिंगदोह : 14 जून 2001 - 7 फ़रवरी 2004
  13. टी. एस. कृष्णमूर्ति : 8 फ़रवरी 2004 - 15 मई 2005
  14. बी. बी. टंडन : 16 मई 2005 - 28 जून 2006
  15. एन गोपालस्वामी : 29 जून 2006 - 20 अप्रैल 2009
  16. नवीन चावला : 21 अप्रैल 2009 - 29 जुलाई 2010
  17. शाहबुद्दीन याकूब कुरैशी : 30 जुलाई 2010 - 10 जून 2012
  18. वी. एस. संपत : 11 जून 2012 - 15 जनवरी 2015
  19. एच॰ एस॰ ब्रह्मा : 16 जनवरी 2015 - 18 अप्रैल 2015[5]
  20. नसीम जैदी : 19 अप्रैल 2015 - 5 जुलाई 2017
  21. अचल कुमार ज्योति 6 जुलाई 2017 - present            IMPORTANT****                           

AK JYOTI
 2017 ---

मार्केट में सन्नाटा

बीकानेर का मशहूर बाजार है..
कोट गेट ।।
शाम के 5 बजे बाजार भीड़ से भरा हुआ था। इसी भीड़ में पति-पत्नी एक दूसरे से लड़ने में व्यस्त थे और लगभग 200 लोग उनके इस तमाशे का मज़ा ले रहे थे,कुछ इसका वीडियो बनाने में लगे थे।
बात कुछ यूँ थी कि पत्नी जिद कर रही थी अपने पति से कि आज आप कार खरीद ही लीजीये मैं थक गई हूं आपकी मोटर साइकिल पर बैठ बैठ कर।
पति ने कहा....... ओए पागल औरत तमाशा ना बना मेरा दुनिया के सामने। मोटर साइकिल की चाभी मुझे दे।
पत्नी- नहीं, तुम्हारे पास इतना पैसा है । आज कार लोगे तो ही घर जाऊंगी।
पति-"अच्छा तो ले लुँगा अब चाभी दो"
पत्नी - नहीं दूंगी।
पति- "अच्छा ना दो मैं ताला ही तोड़ देता हूँ"
पत्नी ने कहा.... तोड़ दो लेकिन ना चाभी मिलेगी ना में साथ जाऊँगी ।
पति - "अच्छा तो ये ले मैं ताला तोड़ने लगा हूँ जाओ तुम्हारी मर्ज़ी मेरे घर ना आना"
पत्नी - जाओ जाओ नहीं आती तुम जैसे कंजूस के घर।
पति ने लोगों की मदद से मोटरसाइकिल का ताला खोल लिया, अपनी बाइक पर बैठ गया और बोला, "तुम आती हो या मैं जाऊँ"
वहाँ खड़े लोगों ने पत्नी को समझाया - चली जाओ इतनी सी बात पर अपना घर न खराब करो।
फिर पत्नी ने पति से वादा लिया कि वह बाइक बेचकर जल्द ही कार लेगा। दोनों की सुलह हो गयी और दोनों चले गए।
अच्छी कहानी है न
लेकिन अभी ख़त्म नहीं हुई है
तो जनाब.........
ठीक आधे घंटे बाद उसी जगह पर फिर से भीड़ लगी थी।
एक बंदा शोर कर रहा था........
कोई मेरी मोटरसाइकिल दिन दहाडे चुरा कर ले गया।
उसके बाद पूरे मार्केट में सन्नाटा😜😜😝😂😂

Saturday, November 25, 2017

भारत का महान्यायवादी (Attorney General)

भारत का महान्यायवादी (Attorney General) भारत सरकार का मुख्य कानूनी सलाहकार तथा भारतीय उच्चतम न्यायालय में सरकार का प्रमुख वकील होता है।

K. K. Venugopal






भारत के महान्ययवादी(अनुछेद 76) की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। जो व्यक्ति उच्चतम न्यायालय का न्यायधीश बनने की योग्यता रखता है, ऐसे किसी व्यक्ति को राष्ट्रपति महान्यायवादी के पद पर नियुक्त कर सकते हैं। देश के महान्यायवादी का कर्तव्य कानूनी मामलों में केंद्र सरकार को सलाह देना और कानूनी प्रकृति की उन जिम्मेदारियों को निभाना है जो राष्ट्रपति की ओर से उनके पास भेजे जाते हैं। इसके अतिरिक्त संविधान और किसी अन्य कानून के अंतर्गत उनका जो काम निर्धारित है, उनका भी पालन उन्हें पूरा करना होता है। अपने कर्तव्य के निर्वहन के दौरान उन्हें देश के किसी भी न्यायालय में उपस्थित होने का अधिकार है। उन्हें संसद की कार्यवाही में भी भाग लेने का अधिकार है, हालांकि उनके पास मतदान का अधिकार नहीं होता। उनके कामकाज में सहायता के लिए सॉलिसिटर जनरल और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल होते हैं।


The Attorneys General for India since independence are listed below:
Attorney General Term
M. C. Setalvad 28 January 1950 – 1 March 1963
C. K. Daphtary 2 March 1963 – 30 October 1968
Niren De 1 November 1968 – 31 March 1977
S. V. Gupte 1 April 1977 – 8 August 1979
L. N. Sinha 9 August 1979 – 8 August 1983
K. Parasaran 9 August 1983 – 8 December 1989
Soli Sorabjee 9 December 1989 – 2 December 1990
G. Ramaswamy 3 December 1990 – 23 November 1992
Milon K. Banerji 21 November 1992 – 8 July 1996
Ashok Desai 9 July 1996 – 6 April 1998
Soli Sorabjee 7 April 1998 – 4 June 2004
Milon K. Banerji 5 June 2004 – 7 June 2009
Goolam Essaji Vahanvati 8 June 2009 – 11 June 2014
Mukul Rohatgi 19 June 2014 – 18 June 2017 [14]
K. K. Venugopal 1 July 2017 –
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