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Sunday, September 13, 2015

प्रेरणादायक अनमोल वचन

जब आप कुछ गँवा बैठते है ,तो उससे प्राप्त शिक्षा को ना गवाएं बल्कि उसके द्वारा प्राप्त शिक्षा का भविष्य में इस्तेमाल करें | – दलाई लामा

जल्दी सोचो,आगे सोचो, बड़ा सोचो क्योंकि विचारों पर किसी का एकाधिकार नही है |

बाधाएँ वे ऐसी डरावनी चीजें है जो आपको तब दिखती है जब आपका ध्यान आपके लक्ष्य पर नही होता | – हेनरी फोर्ड

असफलता मात्र फिर से कार्यारम्भ करने का अवसर होती है ,इस बार और अधिक बुद्धिमत्ता से – हेनरी फोर्ड

यदि आप अपनी प्रतिष्ठा का सम्मान करतें है तो अच्छे गुणों से संपन्न लोगों के साथ जुडिये, क्योंकि बुरी संगत में रहने से अच्छा अकेले रहना है |

जिसने सीखना बंद कर दिया समझिए वो बूढा हो गया ,चाहे वो 20 साल का हो या 80 साल का | केवल जो सीख रहा है ,वो युवा है | – हेनरी फोर्ड

आलसी व्यक्ति का ना कोई वर्तमान है और ना ही कोई भविष्य |

बिना साहस के आप इस दुनिया में कुछ भी नही करेंगे, प्रतिष्ठा के बाद साहस ही दिमाग की महानतम विशेषता है | – अरस्तु

हजारों खोखले शब्दों से अच्छा वह एक शब्द है जो शान्ति लाए | – गौतम बुद्ध

वो व्यक्ति जिसका ज्ञान बस किताबों तक सीमित है और जिसका धन दूसरों के कब्जे में है ,वो जरूरत पड़ने पर ना अपने ज्ञान का प्रयोग कर सकता है और ना ही अपने धन का | – चाणक्य

दुनिया में अक्सर वो लोग बदलाब लाते है जिन्हें दुनिया कुछ बदलने लायक नही समझती |

शिक्षक कभी भी साधारण नही होता प्रलय और निर्माण उसकी गोद में ही पलते हैं | – आचार्य चाणक्य

संघर्ष में आदमी अकेला होता है ..वहीँ सफलता में दुनिया उसके साथ होती है ..जब जब जग उस पर हंसा है तब तब उसी ने इतिहास रचा है ..

जिंदगी में शान्ति से जीने के केवल 2 ही तरीके है |
1. माफ कर दो उनको जिनको तुम भुला नही सकते |
2.भूल जाओ उनको जिनको तुम माफ नही कर सकते |

उपलब्धि और आलोचना एक दूसरे की मित्र है ,उपलब्धियाँ बढेंगी तो निश्चित ही आलोचना भी बढेगी |

समस्या को हल करने की तुलना में अधिकतर लोग ज्यादा समय और ताकत उस से जूझने में लगा देते है | – हेनरी फोर्ड

इस मिट्टी में कुछ ना कुछ तो अनूठा है , जो कई बाधाओं के बाबजूद हमेशा महान लोगों की जन्मभूमि है | – बल्लभ भाई पटेल



जो व्यक्ति सब कुछ स्वयं करना चाहता है और उसका श्रेय भी खुद लेना चाहता है वह एक अच्छा नेता कभी नही बन सकता | – Andrew Carnegie

अगर आप अच्छे घुड़सवार बनना चाहते है तो सबसे बेकाबू घोड़े को चुनिए क्योंकि अगर आप इसे काबू में कर लेते ही तो आप हर घोड़े को काबू में कर सकते है | – सुकरात

अगर आप उड़ नही सकते तो दौडिए ,अगर दौड नही सकते तो चलिए ,अगर चल भी नही सकते तो रेंगिये ,कुछ भी कीजिये बस रुकिए मत आंगे बढिए – मार्टिन लुथेर किंग

चरित्र का विकास आसानी से नही किया जा सकता ,केवल परिक्षण और पीड़ा के अनुभब से ही आत्मा को मजबूत महत्वाकांक्षा को प्रेरित और सफलता को हांसिल किया जा सकता है | – हेलेन केलर

जो भगवान के साथ चलते है ,वे हमेशा अपनी मंजिल पर पहुँच जाते हैं | – हेनरी फोर्ड

जितनी ज्यादा आप प्रवाह करोगे उतना ज्यादा आप के पास खोने के लिए होगा | – हैरी पॉटर

किसी और चीज की तुलना में ,डर ही लोगों के जीवन में सबसे ज्यादा हार का कारण बनता है – र व एमर्सन

जिंदगी में सफलता

यह बात महायुद्ध के दिनों की है जब एक व्यवसायी ने अपने व्यापार में हुए घाटे की वजह से निराश होकर व्यापार बंद करने का निर्णय ले लिया था | इसी निराशा से पीड़ित वह व्यापारी एक दिन एक पार्क में चिंताग्रस्त बैठा था | तभी वहाँ शराब के नशे में लड़खड़ाता एक भिखारी भी आ पहुंचा | भिखारी उस व्यापारी के पास आकर बैठ गया | उस व्यापारी ने भिखारी की इस बुरी हालत के बारे में पूछा की उसकी इस हालत का कारण क्या है ? उस भिखारी ने अपनी दुरावस्था और बर्बादी के बारे में बताया की वह एक पढ़ा-लिखा नवयुवक है | आज से कुछ ही दिनों पूर्व वह एक व्यापारी था | व्यापार में असफल हो जाने के कारण वह निराश हो गया और अपने गम को दूर करने के लिए शराब पीने लगा | भिखारी ने कहा – मैंने समझा की शराब पीने से शायद मेरी खोई हुई शक्तियाँ वापस मिल जायेंगी | अतः मैं शराब पीने लगा | पहले मुझे लगा की मुझमे उत्साह का संचार हो गया है | इसी के साथ मुझको शराब पीने की आदत ही पड़ गयी | परिणाम यह हुआ की मेरी सभी शक्तियाँ नष्ट हो गयी | मैं बार बार इस दुर्व्यसन को छोड़ने का प्यास करता था ,लेकिन मैं शराब नही छोड़ सका |जिसके कारण आज मेरी यह हालत हो गयी है | मैं जीवन के प्रति निराश हूँ ,अब मेरा कोई भविष्य नही है |
उस व्यापारी के समीप से और उसके प्रश्न करने से वह भिखारी इतना तो भांप गया था की प्रश्नकर्ता स्वयं किसी निराशा से पीड़ित है | इसलिए अपने बारे मैं बताने के बाद उसने प्रश्नकर्ता से पूछ लिया की “आप किस चिंता से पीड़ित है |” व्यापारी ने बता दिया की –“मेरा व्यापार नष्ट हो गया है और मैं सोच रहा हूँ की अब क्या करूँ ?
भिखारी ने उसकी और देखकर कहा –“क्या तुम यह नही जानते की मेरी अपेक्षा तुम कितने धनवान हो ? तुम्हारे पास स्वास्थ है ,शक्ति है और अभी तुम युवक हो | तुम्हे जीवन की सभी सुविधाए प्राप्त है | तब उस निराश व्यापारी ने कहा हाँ वो तो है | तब भिखारी कहता है की जीवन के मूल्यों को समझो और निराशा त्याग दो | तुम्हारी शक्तियाँ को आज निराशा ने ढँक लिया है | मित्र ! उठो और याद रखो की सफलता गिरने में नही ,वल्कि गिरकर उठने में है |
जीवन के मूल्य को समझो और निराशा छोड़ दो |”भिखारी के ऐसे प्रेरक शब्द सुनकर व्यापारी बड़ा प्रभावित हुआ | वह अपने मन में सोचने लगा – यह व्यक्ति जो बर्बाद हो चुका है ,यदि वह भी अपने जीवन को इतनी आशा से देख सकता है, तो मेरे जीवन में तो अभी बहुत सी आशा शेष है |वह व्यापारी एक नयी आशा और उत्साह लेकर पार्क से लौट आया और पुनः अपने व्यापार में उत्साह के साथ जुट गया | आज वह एक सफल व्यापारी है और सभी तरह से प्रसन्न है | वह बताता है की “मेरी इस सफलता का रहस्य उस भिखारी की प्रेरणा ही है ,जिसने मुझे नए जीवन को शुरू करने को प्रेरित किया | उस भिखारी ने मुझे उस समय उत्साहित किया ,जब मैं जीवन के प्रति निराश हो गया था |”

हम सभी के जीवन में एक ऐसा समय आता है जब हमें लगता है की सब कुछ खत्म हो गया लेकिन इन विपरीत परिस्थितियों में भी जो अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अडिग खड़ा होता है वही इस जिंदगी में सफलता को प्राप्त करता है |

चरवाहा और बुद्धिमान व्यक्ति

एक चरवाहा जो की लगभग बीस साल का था | थककर एक गाँव के बाहरी इलाके मैं एक पेड़ के नीचे आराम कर रहा था | उसके पास से एक बुद्धिमान व्यक्ति गुजर रहा था जो की अपनी जिंदगी मैं ठोकर खाया हुआ था |
बुद्धिमान व्यक्ति ने चरवाहे से पूछा -: आप यहाँ क्या कर रहे हो ?
चरवाहा -: कुछ भी नही ! मैं सिर्फ आराम कर रहा हूँ !
बुद्धिमान व्यक्ति चरवाहा से – : हो सकता है की तुम्हे मेरा कहा गलत लगे लेकिन तुम यहाँ आराम करके अपना समय बर्बाद कर रहे हो | तुम कुछ भी नही कर रहे हो | और मुझे लगता है की तुमने अपने आप को लक्ष्यहीन आवारा बना लिया है | शायद तुम इस बात को नही समझ रहे हो की तुम अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण अनमोल समय बर्बाद कर रहे हो और तुम्हे समय की कीमत नही मालूम | मेरी बात मानो तो तुम इस गरीबी से निजात पा सकते हो | इस आराम के समय को छोडकर तुम कड़ी मेहनत करो और अपने सपने और जूनून का पीछा करो और उसको पाने के लिए हर संभव प्रयास करो |
चरवाहा -: कड़ी मेहनत और सपनो का पीछा करने से क्या होगा ?
बुद्धिमान व्यक्ति -: मेरे बेटे ,इसके द्वारा तुम खूब सारा धन कमा सकते हो और एक महल का निर्माण कर सकते हो, ढेर सारा धन एकत्र कर सकते हो और जो भी सपने तुमने अपने जीवन मैं देखे है उन्हें पूरा कर सकते हो | और इसके द्वारा तुम लोग की मदद करने के साथ साथ अपने जीवन को सफल बना सकते हो |
चरवाहा -: तो इससे क्या होगा ?
बुद्धिमान व्यक्ति -: तो फिर तुम इससे अपना जीवन खुशी और आराम से बिता सकते हो |
चरवाहा -: लेकिन …मैं ऐसा क्यों सोचूँ और इतने दूर की सोच क्यों रखूँ और अपने आप को अधिक मेहनत के लिए क्यों प्रोत्साहित करूँ जबकि मैं अपने इस जिंदगी से ही बहुत खुश हूँ |
सीख -: 

1. अधिकतर प्रेरणा हर किसी को प्रभावित नही कर सकती और यह हर मनुष्य को कुछ नया और जिंदगी मैं सफल होने के लिए प्रेरित नही कर सकती वही जो व्यक्ति इसका अनुसरण करते है वह जिंदगी मैं सफल होते है | लेकिन शर्त केवल एक है आपको बताये गए नियमों और अनुभवों का पालन करना होगा |
2 .दरअसल सफलता का कोई शोर्टकट रास्ता नही है और न ही कोई सीक्रेट है ,वहीँ यदि आप जो करना या पाना चाहते है उसमे ध्यान केंद्रित करते है और उसको करने के लिए जी जान से जुट जाते है तो आपको सफलता जरूर प्राप्त होगी  | वहीँ प्रेरणा आपको उस रास्ते तक पहुँचने और उसका डटकर सामना करने और असंभव को संभव बनाने हेतु अग्रसर करता है ठीक उसी प्रकार जैसे की एक शिक्षक आपको केवल कुछ ज्ञान दे सकता है लेकिन जिंदगी मैं बहुत कुछ आपको खुद से ही सीखना होगा ठीक उसी प्रकार प्रेरणा लेकर आप उस कार्य मैं सफल होने की राह मैं अग्रसर होते है |
3. दरअसल हमारे अनुभव हमारे वातावरण के अनुसार हर किसी पर लागू नही होते | अलग सोच केवल अलग तरह की ही सोच रखती है | जबकि बहुत से लोग अपने जीवन और परिस्थिति से उठकर कुछ करना चाहते है वही कई लोग अपनी वर्तमान अवस्था मैं ही खुश होते है | लेकिन जो व्यक्ति एक अलग सोच के साथ दुनिया को बदलने की ताकत रखता है | वही व्यक्ति अपने जीवन मैं सफलता का स्वाद चख पाता है |
4. दरअसल हर व्यक्ति आपकी तरह नही होता | जिस तरह आप सोचते है | बैसा हर कोई नही सोचता इसका सीधा सीधा मतलब आपके जैसा न होने से है और अगर आप ऐसे लोगो को कुछ बताना चाहते है तो वो आपकी बात सुनेगा तो जरूर पर उसका अपने जीवन मैं अनुसरण नही कर पायेगा | और जबकि वह उसका अनुसरण ही नही कर पायेगा तो आगे कुछ होने की बात तो कह ही नही सकते |


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बाहरी वेश-भूषा से व्यक्ति की सही पहचान नहीं हो सकती


एक नौजवान शिष्य अपने गुरु के पास पहुंचा और बोला , ” गुरु जी एक बात समझ नहीं आती , आप इतने साधारण वस्त्र क्यों पहनते हैं …इन्हे देख कर लगता ही नहीं कि आप एक ज्ञानी व्यक्ति हैं जो सैकड़ों शिष्यों को शिक्षित करने का महान कार्य करता है . अंगूठी गुरु जी मुस्कुराये . फिर उन्होंने अपनी ऊँगली से एक अंगूठी निकाली और शिष्य को देते हुए बोले , ” मैं तुम्हारी जिज्ञासा अवश्य शांत करूँगा लेकिन पहले तुम मेरा एक छोटा सा काम कर दो … इस अंगूठी को लेकर बाज़ार जाओ और किसी सब्जी वाले या ऐसे ही किसी दुकानदार को इसे बेच दो … बस इतना ध्यान रहे कि इसके बदले कम से कम सोने की एक अशर्फी ज़रूर लाना .” शिष्य फ़ौरन उस अंगूठी को लेकर बाज़ार गया पर थोड़ी देर में अंगूठी वापस लेकर लौट आया . “क्या हुआ , तुम इसे लेकर क्यों लौट आये ?”, गुरु जी ने पुछा . ” गुरु जी , दरअसल , मैंने इसे सब्जी वाले , किराना वाले , और अन्य दुकानदारों को बेचने का प्रयास किया पर कोई भी इसके बदले सोने की एक अशर्फी देने को तैयार नहीं हुआ …” गुरु जी बोले , ” अच्छा कोई बात नहीं अब तुम इसे लेकर किसी जौहरी के पास जाओ और इसे बेचने की कोशिश करो …” शिष्य एक बार फिर अंगूठी लेकर निकल पड़ा , पर इस बार भी कुछ ही देर में वापस आ गया . “क्या हुआ , इस बार भी कोई इसके बदले 1 अशर्फी भी देने को तैयार नहीं हुआ ?”, गुरूजी ने पुछा . शिष्य के हाव -भाव कुछ अजीब लग रहे थे , वो घबराते हुए बोला , ” अरररे … नहीं गुरु जी , इस बार मैं जिस किसी जौहरी के पास गया सभी ने ये कहते हुए मुझे लौटा दिया की यहाँ के सारे जौहरी मिलकर भी इस अनमोल हीरे को नहीं खरीद सकते इसके लिए तो लाखों अशर्फियाँ भी कम हैं …” “यही तुम्हारे प्रश्न का उत्तर है ” , गुरु जी बोले , ” जिस प्रकार ऊपर से देखने पर इस अनमोल अंगूठी की कीमत का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता उसी प्रकार किसी व्यक्ति के वस्त्रों को देखकर उसे आँका नहीं जा सकता .व्यक्ति की विशेषता जानने के लिए उसे भीतर से देखना चाहिए , बाह्य आवरण तो कोई भी धारण कर सकता है लेकिन आत्मा की शुद्धता और ज्ञान का भण्डार तो अंदर ही छिपा होता है। “ शिष्य की जिज्ञासा शांत हो चुकी थी . वह समझ चुका था कि बाहरी वेश-भूषा से व्यक्ति की सही पहचान नहीं हो सकती , जो बात मायने रखती है वो ये कि व्यक्ति भीतर से कैसा है !

विश्वास

एक बार एक अत्यंत गरीब महिला जो ईश्वरीय शक्ति पर बेइंतिहा विश्वास करती थी, एक बार अत्यंत ही विकट स्थिति में आ गई। कई दिनों से खाने के लिए पूरे परिवार को कुछ नहीं मिला।
एक दिन उसने रेडियो के माध्यम से ईश्वर को अपना सन्देश भेजा कि वह उसकी मदद करे।

यह प्रसारण एक नास्तिक ,घमण्डी और अहंकारी उद्योगपति ने सुना और उसने सोचा कि क्यों न इस महिला के साथ कुछ ऐसा मजाक किया जाये कि उसकी ईश्वर के प्रति आस्था डिग जाय।

उसने अपने सेक्रेटरी को कहा कि वह ढेर सारा खाना और महीने भर का राशन उसके घर पर देकर आ जाये और जब वह महिला पूछे किसने भेजा है तो कह देना कि " शैतान" ने भेजा है।

जैसे ही महिला के पास सामान पंहुचा पहले तो उसके परिवार ने तृप्त होकर भोजन किया । फिर वह सारा राशन अलमारी में रखने लगी।

जब महिला ने पूछा नहीं कि यह सब किसने भेजा है तो सेक्रेटरी से रहा नहीं गया और पूछा , आपको क्या जिज्ञासा नही होती कि यह सब किसने भेजा है।

उस महिला ने बेहतरीन जवाब दिया , मैं इतना क्यूँ सोचूँ या पूछूं, मुझे भगवान पर पूरा भरोसा है, मेरे भगवान जब आदेश देते हैं तो शैतानों को भी उस आदेश का पालन करना पड़ता है !

Friday, September 11, 2015

व्यक्ति की महानता उसके चरित्र और ज्ञान पर निर्भर करती हैं


एक छोटी सी झोपड़ी थी, उसी में रहते थे और भिक्षा माँगकर जो मिल जाता उसी से अपना जीवन यापन करते थे|
एक बार वह पास के किसी गाँव में भिक्षा माँगने गये, उस समय उनके कपड़े बहुत गंदे थे और काफ़ी जगह से फट भी गये थे|
जब उन्होने एक घर का दरवाजा खटखटाया तो सामने से एक व्यक्ति बाहर आया, उसने जब पंडित को फटे चिथड़े कपड़ों में देखा तो उसका मन घ्रणा से भर गया और उसने पंडित को धक्के मारकर घर से निकाल दिया, बोला- पता नहीं कहाँ से गंदा पागल चला आया है|
पंडित दुखी मन से वापस चला आया, जब अपने घर वापस लौट रहा था तो किसी अमीर आदमी की नज़र पंडित के फटे कपड़ों पर पड़ी तो उसने दया दिखाई और पंडित को पहनने के लिए नये कपड़े दे दिए|
अगले दिन पंडित फिर से उसी गाँव में उसी व्यक्ति के पास भिक्षा माँगने गया| व्यक्ति ने नये कपड़ों में पंडित को देखा और हाथ जोड़कर पंडित को अंदर बुलाया और बड़े आदर के साथ थाली में बहुत सारे व्यंजन खाने को दिए| पंडित जी ने एक भी टुकड़ा अपने मुँह में नहीं डाला और सारा खाना धीरे धीरे अपने कपड़ों पर डालने लगे और बोले- ले खा और खा|
व्यक्ति ये सब बड़े आश्चर्य से देख रहा था, आख़िर उसने पूछ ही लिया कि- पंडित जी आप यह क्या कर रहे हैं सारा खाना अपने कपड़ों पर क्यूँ डाल रहे हैं|
पंडित जी ने बहुत शानदार उत्तर दिया- क्यूंकी तुमने ये खाना मुझे नहीं बल्कि इन कपड़ों को दिया है इसीलिए मैं ये खाना इन कपड़ों को ही खिला रहा हूँ, कल जब में गंदे कपड़ों में तुम्हारे घर आया तो तुमने धक्के मारकर घर से निकाल दिया और आज तुमने मुझे साफ और नये कपड़ों में देखकर अच्छा खाना पेश किया| असल में तुमने ये खाना मुझे नहीं, इन कपड़ों को ही दिया है, वह व्यक्ति यह सुनकर बहुत दुखी हुआ|
मित्रों, किसी व्यक्ति की महानता उसके चरित्र और ज्ञान पर निर्भर करती हैं पहनावे पर नहीं| अच्छे कपड़े और गहने पहनने से इंसान महान नहीं बनता उसके लिए अच्छे कर्मों की ज़रूरत होती है| यही इस कहानी की प्रेरणा है|

कृपया अपने विचार को comment के माध्यम से हमारे साथ ज़रूर share करें
कहानी पढ़ने के लिए धन्यवाद !

कुल्हाड़ी की धार


एक गाँव में एक गरीब लड़का रहता था जिसका नाम मोहन था । मोहन बहुत मेहनती था लेकिन थोड़ा कम पढ़ा लिखा होने की वजह से उसे नौकरी नहीं मिल पा रही थी । ऐसे ही एक दिन भटकता भटकता एक लकड़ी के व्यापारी के पास पहुँचा । उस व्यापारी ने लड़के की दशा देखकर उसे जंगल से पेड़ कटाने का काम दिया ।
नयी नौकरी से मोहन बहुत उत्साहित था , वह जंगल गया और पहले ही दिन 18 पेड़ काट डाले। व्यापारी ने भी मोहन को शाबाशी दी , शाबाशी सुनकर मोहन और गदगद हो गया और अगले दिन और ज्यादा मेहनत से काम किया । लेकिन ये क्या ? वह केवल 15 पेड़ ही काट पाया । व्यापारी ने कहा – कोई बात नहीं मेहनत करते रहो ।
तीसरे दिन उसने और ज्यादा जोर लगाया लेकिन केवल 10 पेड़ ही ला सका । अब मोहन बड़ा दुखी हुआ लेकिन वह खुद नहीं समझ पा रहा था क्युकी वह रोज पहले से ज्यादा काम करता लेकिन पेड़ कम काट पाता । हारकर उसने व्यापारी से ही पूछा – मैं सारे दिन मेहनत से काम करता हूँ लेकिन फिर भी क्यों पेड़ों की संख्या कम होती जा रही है । व्यापारी ने पूछा – तुमने अपनी कुल्हाड़ी को धार कब लगायी थी । मोहन बोला – धार ? मेरे पास तो धार लगाने का समय ही नहीं बचता मैं तो सारे दिन पेड़ कटाने में व्यस्त रहता हूँ । व्यापारी – बस इसीलिए तुम्हारी पेड़ों की संख्या दिन प्रतिदिन घटती जा रही है ।
मित्रों यही बात हमारे जीवन पर भी लागू होती है , हम रोज सुबह नौकरी पेशा करने जाते हैं , खूब काम करते हैं पर हम अपनी कुल्हाड़ी रूपी Skills को Improve नहीं करते हैं । हम जिंदगी जीने में इतने ज्यादा व्यस्त हो जाते हैं कि अपने शरीर को भी कुल्हाड़ी की तरह धार नहीं दे पाते और फलस्वरूप हम दुखी रहते हैं ।

अनमोल वचन

हम जब भी निराशा में होते है तो सकारात्मक सोच ही हमें बचाती है| जब हम कोई प्रेरणादायक लेख  पढते है तो हमारा आत्मविश्वास बढ़ता है और निराशा दूर हो जाती है| महापुरुषों के प्रेरणादायक सुविचार  न केवल हमें सही रास्ता दिखाते है बल्कि इससे हमारा Personality Development भी होता है| सुविचारों से हमें नयी उर्जा मिलती है और हमारा उत्साह बढ़ जाता है|


जागें, उठें और तब तक न रुकें जब तक लक्ष्य तक न पहुंच जाएं  -स्वामी विवेकानंद

 

आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत, असफलता नामक बिमारी को  मारने के लिए सबसे बढ़िया दवाई है। ये आपको एक सफल व्यक्ति बनाती है। -अब्दुल कलाम

विपरीत परस्थितियों में कुछ लोग टूट जाते हैं, तो कुछ लोग लोग रिकॉर्ड तोड़ देते हैं|  -शिव खेड़ा

 देश का सबसे अच्छा दिमाग, क्लास रूम की आखरी बेंच पर भी मिल सकता है।  --अब्दुल कलाम

आप अपना भविष्य नहीं बदल सकते पर आप अपनी आदते बदल सकते है और निश्चित रूप से आपकी आदते आपका भविष्य बदल देगी। -अब्दुल कलाम

जीतने वाले अलग चीजें नहीं करते, वो चीजों को  अलग तरह से करते हैं|  -शिव खेड़ा

Hindi Quote: उस काम का चयन कीजिये जिसे आप पसंद करते हैं, फिर आपको पूरी ज़िन्दगी एक दिन भी काम नहीं करना पड़ेगा|
Confucius कन्फ्यूशियस

सुविचार: बड़ा सोचो, जल्दी सोचो, आगे  सोचो, विचारों  पर  किसी  का  एकाधिकार  नहीं  है|
Dheerubhai Ambani  धीरूभाई अंबानी

अनमोल विचार: क्रोध एक प्रचंड अग्नि है, जो मनुष्य इस अग्नि को वश में कर सकता है, वह उसको बुझा देगा | जो मनुष्य अग्नि को वश में नहीं कर सकता, वह स्वंय अपने को जला लेगा |
Mahatma Gandhi महात्मा गाँधी

उच्च विचार: वह नास्तिक है, जो अपने आप में विश्वास नहीं रखता |
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

Hindi Quote: मनुष्य को अपनी ओर खीचने वाला यदि जगत में कोई असली चुम्बक है, तो वह केवल प्रेम है |
Mahatma Gandhi महात्मा गाँधी

Suvichar: गरीबी अभिशाप नहीं बल्कि मानवरचित षडयन्त्र है।
Mahatma Gandhi महात्मा गाँधी

Hindi Thought: मनुष्य के चेहरे पर जो भाव उसकी आँखों के द्वारा प्रकट होते हैं, वे उसके मन की अनुकृति होते हैं| उन्हें देवता भी नहीं छुपा सकते|
Chanakya चाणक्य

Hindi Quote: अपने कार्य की शीघ्र सिद्धि चाहने वाला व्यक्ति नक्षत्रों की प्रतीक्षा नहीं करता|
Chanakya चाणक्य

अनमोल वचन: इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता का आनंद उठाने के लिए ये ज़रूरी हैं|
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam

सुविचार: भाग्य उनका साथ देता है जो हर संकट का सामना करके भी अपने लक्ष्य के प्रति दृढ रहते है ।
Chanakya चाणक्य

Hindi Quote: पाप से घृणा करो, पापी से नहीं|
Mahatma Gandhi महात्मा गाँधी

अनमोल विचार: महानता कभी ना गिरने में नहीं है, बल्कि हर बार गिरकर उठ जाने में है|
Confucius कन्फ्यूशियस

Hindi Quote: प्रेम की शक्ति, हिंसा की शक्ति से हजार गुनी प्रभावशाली और स्थायी होती है|
Mahatma Gandhi महात्मा गाँधी


Anmol Vachan: कोई काम शुरू करने से पहले, स्वंय से तीन प्रश्न कीजिये – मैं ये क्यों कर रहा हूँ?इसके परिणाम क्या हो सकते हैं? और क्या मैं सफल होऊंगा? और जब गहराई से सोचने पर इन प्रश्नों के संतोषजनक उत्तर मिल जायें, तभी आगे बढें|
Chanakya चाणक्य

Hindi Quote: फायदा कमाने के लिए न्योते की ज़रुरत नहीं होती|
Dheerubhai Ambani  धीरूभाई अंबानी

Suvichar: संसार एक कड़वा वृक्ष है, इसके दो फल ही अमृत जैसे मीठे होते हैं – एक मधुर वाणी और दूसरी सज्जनों की संगति।
Chanakya चाणक्य

सत्य वचन: मैं अकेली हूँ, लेकिन फिर भी मैं हूँ| मैं सबकुछ नहीं कर सकती, लेकिन मैं कुछ तो कर सकती हूँ|और सिर्फ इसलिए कि मैं सब कुछ नहीं कर सकती, मैं वो करने से पीछे नहीं हटूंगी जो मैं कर सकती हूँ|
Helen Keller  हेलेन केलर

अमृत वचन: क्रोध को पाले रखना, गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकडे रहने के सामान है; इसमें आप स्वंय ही जलते हैं|
Lord Buddha  भगवानगौतम बुद्ध

प्रेरक विचार: कभी भी दुष्ट लोगों की सक्रियता समाज को बर्वाद नहीं करती, बल्कि हमेशा अच्छे लोगों की निष्क्रियता समाज को बर्बाद करती है|
Shiv Khera शिव खेड़ा

सत्य वचन: यदि आप सच कहते हैं, तो आपको कुछ याद रखने की जरूरत नहीं रहती|
Mark Twain मार्क  ट्वैन

सुविचार: ब्रह्माण्ड की सारी शक्तियां पहले से हमारी हैं| वो हमीं हैं जो अपनी आँखों पर हाँथ रख लेते हैं और फिर रोते हैं कि कितना अन्धकार है|
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

Hindi Quote: तुम  फ़ुटबाल  के  जरिये  स्वर्ग  के  ज्यादा  निकट  होगे  बजाये  गीता  का  अध्ययन  करने  के|
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद
अनमोल विचार: मन की दुर्बलता से अधिक भयंकर और कोई पाप नहीं है।
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

सुविचार: हिंदू संस्कृति आध्यात्मिकता की अमर आधारशिला पर आधारित है।
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

Hindi Quote: भय ही पतन और पाप का निश्चित कारण है |
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

Anmol Vichar: किसी  दिन , जब  आपके  सामने कोई समस्या  ना  आये तो आप  सुनिश्चित  हो  सकते  हैं  कि  आप  गलत  मार्ग  पर  चल  रहे  हैं |
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

Hindi Quote: किसी  चीज  से डरो मत, तुम  अद्भुत  काम  करोगे|यह  निर्भयता  ही  है  जो   क्षण  भर  में  परम  आनंद  लाती  है |
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

Hindi Thought: जितना अध्ययन करते हैं, उतना ही हमें अपने अज्ञान का आभास होता जाता है |
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

Hindi Quote: आदर्श, अनुशासन, मर्यादा, परिश्रम, ईमानदारी तथा उच्च मानवीय मूल्यों के बिना किसी का जीवन महान नहीं बन सकता है|
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

Suvichar: हम भारतीय सभी धर्मों के प्रति केवल सहिष्णुता में ही विश्वास नहीं करते , वरन सभी धर्मों को सच्चा मानकर स्वीकार भी करते हैं |
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

Positive Thought: जिसके साथ श्रेष्ठ विचार रहते हैं, वह कभी भी अकेला नहीं रह सकता |
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

Hindi Quote: हमारे व्यक्तित्व की उत्पत्ति हमारे विचारों में है| शब्द गौण हैं, विचार मुख्य हैं और  उनका असर दूर तक होता है|
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद
Suvichar: जो लोग परमात्मा तक पहुंचना चाहते हैं उन्हें वाणी, मन, इन्द्रियों की पवित्रता और एक दयालु ह्रदय की आवश्यकता होती है|
Chanakya चाणक्य

Anmol Vachan: विश्वास वो शक्ति है जिससे उजड़ी हुई दुनिया में भी प्रकाश लाया जा सकता है|
Helen Keller  हेलेन केलर

सुविचार: किसी डिग्री का ना होन दरअसल फायेदेमंद है, अगर आप इंजिनियर या डाक्टर हैं तब आप एक ही काम कर सकते हैं| पर यदि आपके पास कोई डिग्री नहीं है, तो आप कुछ भी कर सकते हैं|
Shiv Khera शिव खेड़ा

सत्य वचन: अगर हम हल का हिस्सा नहीं हैं, तो हम समस्या हैं|
Shiv Khera शिव खेड़ा

अनमोल विचार: क्या हम यह नहीं जानते कि आत्म सम्मान, आत्म निर्भरता के साथ आता है?
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam

सकारात्मक विचार: जीतने वाले कहते है कि मुझे कुछ करना है और हारने वाले बोलते है कि कुछ होना चाहिए|
Shiv Khera शिव खेड़ा

सुविचार: आप ईश्वर में तब तक विश्वास नहीं कर पाएंगे जब तक आप अपने आप में विश्वास नहीं करते|
Swami Vivekananda स्वामी विवेकानंद

सत्य वचन: तैयारी करने में फेल होने का अर्थ है, फेल होने के लिए तैयारी करना|
Benjamin Franklin  बेंजामिन  फ्रैंकलिन

अनमोल वचन: एक उत्कृष्ट बात जो शेर से सीखी जा सकती है, वो ये है कि व्यक्ति जो कुछ भी करना चाहता है उसे पूरे दिल और ज़ोरदार प्रयास के साथ करे|
Chanakya चाणक्य

Hindi Quote: हम जो कुछ भी हैं वो हमने आज तक क्या सोचा इस बात का परिणाम है| यदि कोई व्यक्ति बुरी सोच के साथ बोलता या काम करता है, तो उसे कष्ट ही मिलता है| यदि कोई व्यक्ति शुद्ध विचारों के साथ बोलता या काम करता है, तो उसकी परछाई की तरह ख़ुशी उसका साथ कभी नहीं छोडती|
Lord Buddha  भगवान गौतम बुद्ध

Hindi Thought: इससे पहले कि सपने सच हों आपको सपने देखने होंगे|
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam

अमृत वचन: जिसके पास धैर्य है वह जो चाहे वो पा सकता है.
Benjamin Franklin  बेंजामिन  फ्रैंकलिन

सत्य वचन: किसी भी धर्म में किसी धर्म को बनाए रखने और बढाने के लिए दूसरों को मारना नहीं बताया गया|
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam

Hindi Quote: सपने वो नहीं है जो आप नींद में देखते है, सपने वो है जो आपको नींद नहीं आने देते।
अब्दुल कलाम  Abdul Kalam

प्रेरक विचार: किसी  वृक्ष  को  काटने  के  लिए  आप  मुझे  छ:  घंटे  दीजिये  और  मैं  पहले  चार  घंटे  कुल्हाड़ी  की  धार तेज  करने  में  लगाऊंगा|
Abraham Lincoln अब्राहम लिंकन

Hindi Quote: जब कभी कोई व्यक्ति कहता है कि वो ये “नहीं कर सकता है”, तो असल में वो दो चीजें कह रहा होता है| या तो मुझे पता नहीं है कि ये कैसे होगा या मैं इसे करना नहीं चाहता|
Shiv Khera शिव खेड़ा


Monday, August 31, 2015

सकारात्मक सोच

एक  आदमी समुद्रतट पर चल रहा था। उसने देखा कि कुछ दूरी पर एक युवक ने रेत पर झुककर कुछ उठाया और आहिस्ता से उसे पानी में फेंक दिया। उसके नज़दीक पहुँचने पर आदमी ने उससे पूछा – “और भाई, क्या कर रहे हो?”
युवक ने जवाब दिया – “मैं इन मछलियों को समुद्र में फेंक रहा हूँ।”
“लेकिन इन्हें पानी में फेंकने की क्या ज़रूरत है?”- आदमी बोला।

युवक ने कहा – “ज्वार का पानी उतर रहा है और सूरज की गर्मी बढ़ रही है।अगर मैं इन्हें वापस पानी में नहीं फेंकूंगा तो ये मर जाएँगी”।
आदमी ने देखा कि समुद्रतट पर दूर-दूर तक मछलियाँ बिखरी पड़ी थीं। वह बोला – “इस मीलों लंबे समुद्रतट पर न जाने कितनी मछलियाँ पड़ी हुई हैं। इसतरह कुछेक को पानी में वापस डाल देने से तुम्हें क्या मिल जाएगा? इससे क्या फर्क पड़ जायेगा?”
युवक ने शान्ति से आदमी की बात सुनी, फ़िर उसने रेत पर झुककर एक और मछली उठाई और उसे आहिस्ता से पानी में फेंककर वह बोला :
आपको इससे कुछ मिले न मिले
मुझे इससे कुछ मिले न मिले
दुनिया को इससे कुछ मिले न मिले
लेकिन “इस मछली को सब कुछ मिल जाएगा”।

दोस्तों यह केवल सोच का ही फर्क है| सकारात्मक सोच (Positive thoughts) वाले व्यक्ति को लगता है कि उसके छोटे छोटे प्रयासों से किसी को बहुत कुछ मिल जायेगा लेकिन नकारात्मक सोच (Negative Thoughts) के व्यक्ति को यही लगेगा कि, यह समय की बर्बादी है?

अपने टेलेंट और स्किल को पहचानो

 आत्मसम्मान

एक बार की बात है किसी शहर में एक लड़का रहता था जो बहुत गरीब था। मेंहनत मजदूरी करके बड़ी मुश्किल से 2 वक्त का खाना जुटा पाता । एक दिन वह किसी बड़ी कंपनी में चपरासी के लिए इंटरव्यू देने गया । बॉस ने उसे देखकर उसे काम दिलाने का भरोसा जताया ।

जब बॉस ने पूछा -“तुम्हारी email id क्या है”? लड़के ने मासूमियत से कहा कि उसके पास email id नहीं है । ये सुनकर बॉस ने उसे बड़ी घृणा दृष्टि से देखा और कहा कि आज दुनिया इतनी आगे निकल गयी है , और एक तुम हो कि email id तक नहीं है , मैं तुम्हें नौकरी पर नहीं रख सकता ।

ये सुनकर लड़के के आत्मसम्मान को बहुत ठेस पहुंची , उसकी जेब में उस समय 50 रुपये थे । उसने उन 50 रुपयों से 1 किलो सेब खरीद कर वह अपने घर चलता बना। वह घर घर जाकर उन सेबों को बेचने लगा और ऐसा करके उसने 80 रुपये जमा कर लिए । अब तो लड़का रोज सेब खरीदता और घर घर जाकर बेचता ।

सालों तक यही सिलसिला चलता रहा लड़के की कठिन मेहनत रंग लायी और एक दिन उसने खुद की कंपनी खोली जहाँ से विदेशों में सेब सप्लाई किये जाते थे । उसके बाद लड़के ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और जल्दी ही बहुत बड़े पैमाने पर अपना बिज़नेस फैला दिया और एक सड़क छाप लड़का बन गया अरबपति ।
एक कुछ मीडिया वाले लड़के का इंटरव्यू लेने आये और अचानक किसी ने पूछ लिया – “सर आपकी email id क्या है”?? लड़के ने कहा -“नहीं है “, ये सुनकर सारे लोग चौंकने लगे कि एक अरबपति आदमी के पास एक “email id” तक नहीं है । लड़के ने हंसकर जवाब दिया -“मेरे पास email id नहीं है इसीलिए मैं अरबपति हूँ , अगर email id होती तो मैं आज एक चपरासी होता”।

मित्रों ,इसीलिए कहा जाता है कि हर इंसान के अंदर कुछ ना कुछ खूबी जरूर होती है, भीड़ के पीछे भागना बंद करो और अपने टेलेंट और स्किल को पहचानो । दूसरों से अपनी तुलना मत करो कि उसके पास वो है मेरे पास नहीं है , जो कुछ तुम्हारे पास है उसे लेकर आगे बढ़ो फिर दुनियां की कोई ताकत तुम्हें सफल होने से नहीं रोक सकती


Wednesday, August 26, 2015

काँच की बरनी और दो कप चाय

जीवन में जब सब कुछ एक साथ और जल्दी – जल्दी करने की इच्छा होती है , सब कुछ तेजी से पा लेने की इच्छा होती है , और हमें लगने लगता है कि दिन के चौबीस घंटे भी कम पड़ते हैं , उस समय ये बोध कथा , ” काँच की बरनी और दो कप चाय ” हमें याद आती है ।

एक प्रोफ़ेसर कक्षा में आये और उन्होंने छात्रों से कहा कि वे आज जीवन का एक महत्वपूर्ण पाठ पढाने वाले हैं …
उन्होंने अपने साथ लाई एक काँच की बडी़ बरनी ( जार ) टेबल पर रखा और उसमें टेबल टेनिस की गेंदें डालने लगे और तब तक डालते रहे जब तक कि उसमें एक भी गेंद समाने की जगह नहीं बची … उन्होंने छात्रों से पूछा – क्या बरनी पूरी भर गई ? हाँ … आवाज आई … फ़िर प्रोफ़ेसर साहब ने छोटे – छोटे कंकर उसमें भरने शुरु किये h धीरे – धीरे बरनी को हिलाया तो काफ़ी सारे कंकर उसमें जहाँ जगह खाली थी , समा गये , फ़िर से प्रोफ़ेसर साहब ने पूछा , क्या अब बरनी भर गई है , छात्रों ने एक बार फ़िर हाँ … कहा अब प्रोफ़ेसर साहब ने रेत की थैली से हौले – हौले उस बरनी में रेत डालना शुरु किया , वह रेत भी उस जार में जहाँ संभव था बैठ गई , अब छात्र अपनी नादानी पर हँसे … फ़िर प्रोफ़ेसर साहब ने पूछा , क्यों अब तो यह बरनी पूरी भर गई ना ? हाँ .. अब तो पूरी भर गई है .. सभी ने एक स्वर में कहा .. सर ने टेबल के नीचे से चाय के दो कप निकालकर उसमें की चाय जार में डाली , चाय भी रेत के बीच स्थित थोडी़ सी जगह में सोख ली गई …
प्रोफ़ेसर साहब ने गंभीर आवाज में समझाना शुरु किया –
इस काँच की बरनी को तुम लोग अपना जीवन समझो ….
टेबल टेनिस की गेंदें सबसे महत्वपूर्ण भाग अर्थात भगवान , परिवार , बच्चे , मित्र , स्वास्थ्य और शौक हैं ,
छोटे कंकर मतलब तुम्हारी नौकरी , कार , बडा़ मकान आदि हैं , और
रेत का मतलब और भी छोटी – छोटी बेकार सी बातें , मनमुटाव , झगडे़ है ..
अब यदि तुमने काँच की बरनी में सबसे पहले रेत भरी होती तो टेबल टेनिस की गेंदों और कंकरों के लिये जगह ही नहीं बचती , या कंकर भर दिये होते तो गेंदें नहीं भर पाते , रेत जरूर आ सकती थी …
ठीक यही बात जीवन पर लागू होती है … यदि तुम छोटी – छोटी बातों के पीछे पडे़ रहोगे और अपनी ऊर्जा उसमें नष्ट करोगे तो तुम्हारे पास मुख्य बातों के लिये अधिक समय नहीं रहेगा … मन के सुख के लिये क्या जरूरी है ये तुम्हें तय करना है । अपने बच्चों के साथ खेलो , बगीचे में पानी डालो , सुबह पत्नी के साथ घूमने निकल जाओ , घर के बेकार सामान को बाहर निकाल फ़ेंको , मेडिकल चेक – अप करवाओ … टेबल टेनिस गेंदों की फ़िक्र पहले करो , वही महत्वपूर्ण है ….. पहले तय करो कि क्या जरूरी है … बाकी सब तो रेत है ..
छात्र बडे़ ध्यान से सुन रहे थे .. अचानक एक ने पूछा , सर लेकिन आपने यह नहीं बताया कि ” चाय के दो कप ” क्या हैं ? प्रोफ़ेसर मुस्कुराये , बोले .. मैं सोच ही रहा था कि अभी तक ये सवाल किसी ने क्यों नहीं किया …
इसका उत्तर यह है कि , जीवन हमें कितना ही परिपूर्ण और संतुष्ट लगे , लेकिन अपने खास मित्र के साथ दो कप चाय पीने की जगह हमेशा होनी चाहिये ।

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